सफलता की कहानी

उदय हुसैन

मृत

उदय हुसैन सद्दाम के पहले विवाह से उत्पन्न दो पुत्रों में से बड़ा पुत्र था और अपने क्रूर और मनोरोगमय व्यवहार के लिए बदनाम था। इराकी ओलम्पिक कमेटी के प्रधान के रूप में वह उन खिलाड़ियों को यातना दिए जाने का आदेश देता था जो उसकी इच्छा के अनुसार कार्य प्रदर्शन नहीं करते थे। वह व्यक्तिगत रूप से अपने दो बहनोईयों की हत्या में शामिल था।

23 जुलाई 2003 को एक स्रोत द्वारा प्रदान की गई जानकारी के फलस्वरूप उदय और कुसे हुसैन की स्थिति का पता चल गया। 101वें एयरबोर्न डिविज़न की सहायता से टास्क फोर्स 20 ने इन व्यक्तियों को बन्दी बनाने के लिए एक कार्यवाही का संचालन किया। चार घंटे की लड़ाई चली जिसके परिणाम-स्वरूप उदय और कुसे हुसैन की मृत्यु हो गई।

रिवॉर्डज़ फॉर जस्टिम कार्यक्रम ने उस जानकारी के लिए एक पुरस्कार प्रदान किया जिसके फलस्वरूप उदय और कुसे हुसैन की स्थिति का पता चला।