आतंक की क्रियाएं
इनके बारे में जानकारी ...

वर्ल्ड ट्रेड सेन्टर और पेन्टागॉन पर आक्रमण

11 सितंबर 2001

11 सितंबर 2001 की सुबह को अल-कायदा आतंकवादी संगठन से जुड़े हुए 19 आतंकवादियों ने चार व्यापारिक एयरलाइनरों का अपहरण कर लिया। ये सभी विमान पूर्वी युनाइटेड स्टेट्स में तीन भिन्न-भिन्न एयरपोर्टों से यात्रा आरम्भ करते हुए कैलिफोर्निया जा रहे थे।

बॉस्टन में लोगन इंटरनैशनल एयरपोर्ट से प्रस्थान करने वाले प्रथम दो विमानों का अपहरण कर लिया गया और वे न्यू यार्क सिटी में वर्ल्ड ट्रेउ सेन्टर के मुख्य टावरों से टकरा गए। इन विमानों के प्रभाव से और जेट के जलते हुए इंधन से निकलने वाली आग से टावर विध्वंस हो जाने की स्थिति तक संरचनात्मक रूप से क्षतिग्रस्त हो गए।

डलस इंटरनैशनल एयरपोर्ट से प्रस्थान करने वाले एक तीसरे विमान का अपहरण कर लिया गया और यह वर्ल्ड ट्रेड सेन्टर पर दूसरी बार हमला किए जाने के केवल आधे घंटे बाद पेन्टागॉन से टकरा गया। इस हमले से इस भीमकाय संरचना का एक हिस्सा बहुत ज्यादा क्षतिग्रस्त हो गया साथ ही सभी यात्री और इमारत के अन्दर स्थित 125 और लोग मारे गए।

चौथे विमान ने नेवार्क इंटरनैशनल एयरपोर्ट से प्रस्थान किया और सम्भवत: वह यू.एस. कैपिटल या व्हाइट हाउस की ओर जा रहा था। हालांकि उस पर सवार यात्रियों ने विमान पर नियंत्रण प्राप्त करने के लिए आतंकवादियों से लड़ाई की। इन साहसी नागरिकों के कारण आतंकवादी अपना लक्ष्य कभी नहीं प्राप्त कर सके और यह विमान शैक्सविल, पेनिसिल्वेनिया के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गया और उस पर सवार सभी 40 व्यक्तियों की मौत हो गई।

11 सितंबर 2001 के हमलों में विश्व भर में फैले हुए देशों के 2,998 नागरिक मारे गए। अल-कायदा आतंकवादी संगठन ने इन हमलों की योजना बनाने और उन्हें क्रियान्वित करने की ज़िम्मेदारी का दावा किया और उनके अब मर चुके नेता, ओसामा बिन लादेन, ने इन हमलों के बाद एक वीडियो सन्देश में इसकी ज़िम्मेदारी ली। 1941 में पर्ल हार्बर पर हुए हमले के बाद ये एक बाहरी बल द्वारा अमरीका पर सबसे विनाशकारी हमले थे।

रिवॉर्ड्ज़ फॉर जस्टिस (न्याय के लिए पुरस्कार) प्रोग्राम ऐसी जानकारी के लिए $25 मिलियन तक का पुरस्कार पेश कर रहा है जिससे इन हमलों के लिए ज़िम्मेदार लोगों को कैद करके उन पर कानूनी कार्यवाही की जा सके।