आतंक की क्रियाएं
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पैन एम फलाइट 103 पर बम गिराया जाना

लॉकरबी, स्कॉटलैंड | 21 दिसंबर 1988


21 दिसंबर 1988 को पैन एम फलाइट 103 जो कि अमेरिका में पंजीकृत बोइंग 747 की वह उड़ान थी जो लन्दन के हीथ्रो हवाई अड्डे से न्यू यार्क में जेएफ़के हवाई अड्डे की ओर जा रही थी, उस समय नष्ट हो गई जब सामान में छुपाकर रखा गया एक कामचलाऊ विस्फोटक उपकरण विमान के माल-सामान कक्ष में विस्फोटित हो गया। उस विस्फोट के परिणाम में विमान पर सवार सभी 259 यात्रियों और चालक दल के सदस्यों, जिन में 189 अमेरिकी लोग शामिल थे, और स्कॉटलैंड के लॉकरबी नगर के 11 निवासियों की मृत्यु हो गई।

13 नवम्बर 1991 को लीबिया सरकार के एजेंटो अब्देल बसेत अली मोहमद अल-मेगराही और अल अमीन ख़लफ़िया फ़ीमाह पर “अन्य उन लोगों के साथ जिनका ग्रैंड ज्यूरी को पता नहीं है” डिस्ट्रिक्ट ऑफ कोलंबिया के लिए अमेरिका की जिला अदालत में अमेरिका के एक नागरिक विमान को नष्ट करने और अमेरिका के नागरिकों की हत्या करने की साज़िश रचने तथा सम्बद्ध ठोस विस्फोटक आरोपों का अभियोग लगाया गया। अगले दिन, लॉर्ड एडवोकेट ने एलान किया कि अल-मेगराही और फ़ीमाह पर साज़िश रचने तथा हत्या के अपराधों का स्कॉटलैंड में अभियोग लगाया गया है।

31 जनवरी 2001 को अल-मेगराही को हाईकोर्ट के तीन जजों के पैनल द्वारा पैन एम फ्लाइट 103 के हवा में और लॉकरबी में ज़मीन पर शिकार हुए सभी 270 लोगों की हत्या का दोषी पाया गया। उसे आजीवन कारावास की आदेशात्मक सज़ा सुनाई गयी और ज़मानती रिहाई के लिए आवेदन देने योग्य होने से पहले 27 वर्ष तक जेल में बिताने का आदेश दिया गया। उसका सह अभियुक्त फ़ीमाह अपराधी नहीं पाया गया और उसे विमान द्वारा ट्रिपोली, लीबिया भेज दिया गया। 14 मार्च 2002 को स्कॉटलैंड हाई कोर्ट के पांच अलग अलग जजों के पैनल द्वारा अल-मेगराही की दोष-सिद्धि की पुष्टि की गई और उसे अपनी सज़ा शुरू करने के लिए स्कॉटलैंड भेज दिया गया।

स्कॉटलैंड के अपराधिक मामलों के पुनरीक्षण आयोग (एस सी सी आर सी) को आवेदन दिए जाने के बाद, जून 2007 में अल-मेगराही को एक नई अपील दाखिल करने की अनुमति दे दी गई। जबकि वह अपील विचाराधीन थी, सितम्बर 2008 में अल-मेगराही को मरणांतक प्रोस्टेट कैंसर से पीड़ित पाया गया। 20 अगस्त 2009 को स्कॉटिश कारावास चिकित्सीय सेवा की इस सलाह के आधार पर कि उसके पास तीन महीने से भी कम का जीवन बचा है, और जब अल- मेगराही ने अदालत के फ़ैसला सुना सकने से पहले अपनी अपील वापस ले ली, तो स्कॉटलैंड के कैबिनेट सैक्रेटरी फॉर जस्टिस द्वारा दया-स्वरूप रिहाई का अल-मेगराही का आवेदन मंजूर कर लिया गया। मुकद्दमे की सुनवाई से पहले कारावास में बिताये गये समय को जोड़ कर, अल-मेगराही ने अपने आजीवन कारावास में से 10 से कुछ अधिक वर्ष की सज़ा उस समय तक भुगत ली थी जब उसे रिहा किया गया। इस तिथि तक अल-मेगराही और फ़ीमाह दोनों विश्वास किया जाता है कि अभी ट्रिपोली में ही हैं।

यह विश्वास करते हुए कि पैन एम की फ़्लाइट 103 पर बम सवार कर दिये जाने में अल-मेगराही और फ़ीमाह ने अकेले ही काम नहीं किया, अमेरिका के विदेश मंत्रालय ने ऐसी सूचना के लिए 5 मिलियन डॉलर तक के पुरस्कार का प्राधिकार दिया है जिसके परिणाम में उन लोगों की गिरफ़्तारी और /या दोष-सिद्धि हो सके जो पैन एम फ़्लाइट 103 की बमबारी और उसके शिकार 270 लोगों की हत्या के लिये ज़िम्मेदार हैं।