सफलता की कहानी

मीर आईमल कान्सी

फांसी पर चढ़ाए गए

5 जनवरी 1993 को, मीर आईमल कान्सी ने दो लोगों की हत्या कर दी और तीन अन्य लोगों को स्थायी रूप से घायल कर दिया। उसने चेतावनी या उतेजित किए बिना ही हमला किया, उसने केन्द्रीय सूचना एजेन्सी मुख्यालय के सामने स्टॉपलाइट पर प्रतीक्षा कर रही गाड़ियों पर अपनी AK-47 राइफल चला दी।

हमले के बाद कान्सी तुरन्त युनाइटेड स्टेट्स से भाग गया और पाकिस्तान में पकड़े जाने तक वह एक भगोड़ा था। 10 नवम्बर 1997 को फेयरफैक्स, वर्जीनिया में दोनों CIA कर्मचारियों की हत्या के लिए उसे ज्यूरी द्वारा दोषी ठहराया गया। 14 नवम्बर 2002 को कान्सी को फांसी दे दी गई।