सफलता की कहानी

हमसीराजी मारुसी साली

मृत

अबु सैय्यफ ग्रुप के लिए कमांडर और ग्रुप नेता, हमसीराजी साली ने अगस्त 2008 के जेफरी शिलिंग के अपहरण और मई 2001 के डॉस पालमस के अपहरण की घटना में भाग लिया था।

28 अगस्त 2000 को अबु सैय्यफ ग्रुप (ASG) ने जेफरी क्रेग एडवर्ड शिलिंग नाम के एक युनाइटेड स्टेट्स नागरिक का अपहरण कर लिया। मि. शिलिंग के बदले में ASG ने $10 मिलियन और यू.एस. जेलों से तीन अंतर्राष्ट्रीय आतंकवादियों की रिहाई की मांग की: अल कायदा के कामगार रामजी यूसेफ और वाली खान, और अल इस्लामिया में मिश्र के आतंकवादी ग्रुप अल गामा का आध्यात्मिक नेता “दि ब्लाइंड शेख”। 12 अप्रैल 2001 को जेफरी शिलिंग अपने बन्दी बनाने वालों से सफलतापूर्वक बच निकला और उसे अपने देश युनाइटेड स्टेट्स वापस भेज दिया गया।

27 मई 2001 को ASG ने फिलिपीन्स में पलावन पर डॉस पालमस रिसोर्ट से तीन अमरीकी नागरिकों का अपहरण किया। तीन अमरीकियों को गिलरमो सोबेरो और एक अमरीकी मिशनरी दम्पति मार्टिन और ग्रेशिया बर्नहैम के रूप में पहचाना गया। 11 जून 2001 को ASG प्रवक्ता अबु सबाया ने दावा किया कि उसने फिलिपीन्स के राष्ट्रपति ग्लोरिया मैकापाबल-अरोयो के लिए एक “जन्मदिन उपहार” के रूप में गिलरमो सोबेरो को फांसी दी थी। 7 अक्तूबर 2001 को बसिलन द्वीप से एक मानव खोपड़ी मिली जो गिलरमो सोबेरो की पाई गई। जून 2002 में मार्टिन बर्नहैम फिलिपिनो सैनिकों और ASG के बीच गोलीबारी में मारा गया, ग्रेशिया बर्नहैम घायल हो गई लेकिन उसे बचा लिया गया और उसके देश, युनाइटेड स्टेट्स वापस भेज दिया गया।

फरवरी 2002 में साली को डिस्ट्रिक्ट ऑफ कोलम्बिया में एक फेडरल ग्रांड ज्यूरी द्वारा निम्नलिखित तथ्यों पर आरोपी ठहराया गया: षड्यन्त्र जिसके फलस्वरूप मृत्यु, बन्धक बनाना और बन्धक बनाने की तीन घटनाएं जिसके फलस्वरूप मृत्य।

उस जानकारी के लिए $1 मिलियन के एक पुरस्कार का भुगतान किया गया जिसके फलस्वरूप सली की स्थिति का पता लगा।