कार्यक्रम का संक्षिप्त विवरण

RFJ, आतंकवाद का मुकाबला करने के लिए अमेरिकी विदेश विभाग का पुरस्कार कार्यक्रम, अंतर्राष्ट्रीय आतंकवाद का मुकाबला करने वाले 1984 के अधिनियम (22 U.S.C. § 2708 में संहिताबद्ध) द्वारा स्थापित किया गया था। राजनयिक सुरक्षा के विदेश विभाग के ब्यूरो द्वारा प्रशासित, RFJ का लक्ष्य अंतरराष्ट्रीय आतंकवादियों को न्याय के तहत लाना और अमेरिकी व्यक्तियों या संपत्ति के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद के कृत्यों को रोकना है। इस कार्यक्रम के तहत सेक्रेटरी ऑफ स्टेट उस जानकारी के लिए इनाम को प्राधिकृत कर सकता/ती हैं जो विशेष तौर पर किसी ऐसे व्यक्ति की गिरफ्तारी या दोष-सिद्धि तक पहुंचाती है जो अमेरिकी व्यक्तियों या संपत्ति के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय आतंकवादी गतिविधियों की योजना बनाता है, ऐसा करता है, ऐसा करने में सहायता करता है, या ऐसा करने का प्रयास करता है, ऐसी जानकारी जो उन कार्रवाईयों को होने से ही रोकती है, ऐसी जानकारी जो किसी मुख्य आतंकवादी नेता की पहचान या उसके स्थान तक पहुंचाती है, या जो आतंकवाद के लिए वित्तपोषण को बाधित करती है।

सेक्रेटरी को अधिकार है कि यदि वह निश्चित करता/करती है कि आतंकवाद के विरुद्ध लड़ने के लिए या आतंकवादी क्रियाओं से यूनाइटेड स्टेट्स की रक्षा करने के लिए एक अधिक बड़ी रकम ज़रूरी है, तो वह 25 मिलियन डॉलर से अधिक रकम का पुरस्कार प्रदान कर सकता/सकती है। अल-कायदा

1984 में रिवॉर्डज़ फॉर जस्टिस कार्यक्रम की शुरुआत किए जाने के समय से, संयुक्त राज्य अमेरिका की सरकार ने 100 से अधिक लोगों को 150 मिलियन डॉलर से ऊपर की रकम का भुगतान किया है जिन्होंने कार्यवाही किए जाने योग्य जानकारी प्रदान की जिसके फलस्वरूप आतंकवादियों को जेल में डाला गया या विश्वव्यापी रूप से अंतर्राष्ट्रीय आतंकवाद की क्रियाओं को रोका गया। अंतर्राष्ट्रीय आतंकवादी रमज़ी यूसेफ की गिरफ़्तारी में इस कार्यक्रम ने महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई जिसे 1993 में वर्ल्ड ट्रेड सेन्टर पर की गई बम्बारी के लिए दोषी ठहराया गया था।

जबकि रिवॉर्ड्ज़ फॉर जस्टिम (न्याय के लिए पुरस्कार) कार्यक्रम को नियंत्रित करने वाला कानून अमरीका वासियों की ओर निर्देशित आतंकवाद पर लक्षित है, युनाइटेड स्टेट्स उन अन्य राष्ट्रों के साथ भी जानकारी को साझा करता है जिनके नागरिक खतरे में हैं। आतंकवादियों को कानूनी कार्यवाही के अधीन लाने और आतंकवाद की क्रियाओं को रोकने में प्रत्येक सरकार और प्रत्येक नागरिक की हिस्सेदारी है।